जून 2020

स्वस्थ भोजन तथ्य



  • पोषण की कमी: स्वस्थ आहार अपने सभी रूपों में कुपोषण को रोकने में मदद करता है।
  • बिमारीओं से बचाव: एक पौष्टिक आहार मधुमेह, हृदय रोग, स्ट्रोक और कैंसर जैसी बिमारीओं से बचाता है|
  • स्मरणशक्ति: प्रारंभिक जीवन से स्वस्थ आहार व्यवहार, जैसे स्तनपान, स्वस्थ विकास को बढ़ावा देता है और संज्ञानात्मक विकास को बढ़ावा देता है|
  • ऊर्जा संतुलन: स्वस्थ वजन बनाए रखने के लिए कैलोरी के रूप में ऊर्जा का सेवन ऊर्जा व्यय के बराबर होना चाहिए।
    • हमारे खाने में मौजूद कुल फैट 30% के बराबर या उससे कम होना चाहिए।
    • हमारे खाने में मौजूद कुल सैचुरेटेड फैट 10% से कम होना चाहिए (उदाहरण: फैटी मीट, घी और क्रीम, मक्खन, पनीर और डेयरी उत्पाद जो गाढ़े दूध से बने हों)।
    • हमारे खाने में मौजूद कुल ट्रांस-फैट 1% से कम होना चाहिए (उदाहरण: केक, बिस्किट और पाईज़, बेकिंग आइटम, माइक्रोवेव पॉपकॉर्न, फफ्रोज़ेन पिज़्ज़ा, फ्रेंच फ्राइज़, डोनट्स और फ्राइड चिकन जैसे तले हुए खाद्य पदार्थ) और नकली मक्खन)।
  • चीनी संतुलन: हमारे खाने में मौजूद कुल चीनी 10% से कम होनी चाहिए।
    • ज़्यादा स्वास्थ्य लाभ के लिए चीनी का सेवन 5% से कम होना चाहिए।
  • नमक संतुलन: नमक का सेवन प्रति दिन 5 ग्राम से कम होना चाहिए (सोडियम की मात्रा प्रति दिन 2 ग्राम से कम होनी चाहिए)|
    • उच्च रक्तचाप, हृदय रोग और स्ट्रोक की रोकथाम में सहायक होता है।

संसाधन: वर्ल्ड हेल्थ आर्गेनाइजेशन, अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन, मेयो क्लिनिक


सात्विक पोषण इतना महत्वपूर्ण क्यों है?



हमारे उत्तम  स्वास्थ्य के लिए सिर्फ व्यायाम ही एकमात्र समाधान नहीं है। एक स्वस्थ जीवन शैली व्यतीत करने में सबसे महत्वपूर्ण कारण  पोषण है। शारीरिक गतिविधि के साथ-साथ एक उचित पोषण से स्वस्थ वजन बनाए रखा जा सकता है और मोटापे से जुड़ी कुछ बीमारियों से बचा जा सकता है, जैसे कि कैंसर, हृदय रोग, मधुमेह और उच्च रक्तचाप।

अमेरिकी स्वास्थ्य विभाग और मानव सेवा विभाग के अनुसार, लगभग एक-तिहाई अमेरिकी (33.8%) मोटापे से ग्रस्त हैं और लगभग 17% (या 12.5 मिलियन) बच्चों और 2 से 19 वर्ष की आयु के किशोरों में मोटापे का पता चला है। खोज ने भी दिखाया है कि एक आदर्श वजन होने के बावजूद अगर आहार खराब हो तो कई बीमारोइयों को न्योता मिल सकता है|

पौष्टिक आहार लेने का क्या मतलब है?

अच्छे पोषण का अर्थ है एक संतुलित आहार का सेवन करना जो शरीर के लिए आवश्यक सभी पोषक तत्वों, विटामिन और मिनरल्स की पूर्ती करता है। एक सामान्य नियम के तौर पर:आपकी प्लेट जितनी रंगीन दिखती है, उतना ही संतुलित आपका आहार होता है ।

कुछ सुझाव:

फलों का भरपूर सेवन करें: फलों में मौजूद प्राकृतिक रेशों को निगलने के लिए फलों के रस की बजाय पूरे फलों का सेवन करना बेहतर होता है। बाज़ार के डिब्बाबंद या बोतलबंद फलों के रस से बचें क्योंकि वे आमतौर पर चीनी और संरक्षक (प्रेसेर्वेटिव्ज़) में उच्च होते हैं।
बहुत सारी सब्जियां खाएं: पोषक तत्वों की विविधता को अधिकतम करने के लिए विभिन्न रंगों की सब्जियों को शामिल करने का प्रयास करें। उदाहरण के लिए, हरी पत्तेदार सब्ज़ियां , गाजर, लाल शिमला मिर्च, मक्का, आदि।
साबुत अनाज का अधिक सेवन करें: आंटा, ब्रेड, बिस्किट, पास्ता आदि साबुत या कम प्रोसेस्ड अनाज से बना हुआ होना चाहिए।
फैट फ्री या कम फैट वाले दूध का उपयोग करें: ये डेयरी फैट के सेवन को कम करते हुए आवश्यक विटामिन डी और कैल्शियम प्रदान करेंगे।
कम चर्बी वाला मांस और प्रोटीन के अन्य स्रोतों का चयन करें: कम चर्बी वाला मांस प्रोटीन की मात्रा को अधिकतम करते हुए कैलोरी की मात्रा कम  करते हैं। अन्य स्रोत हैं: मछली, सेम और पनीर।

यदि आप अभी भी संतुष्ट नहीं हैं, तो अच्छे पोषण के कुछ महत्वपूर्ण फायदे जानिये:

    १.  हर तरह से स्वस्थ और हल्का महसूस करना
    २. आहार-प्रेरित बीमारियों के कारण चिकित्सा देखभाल की लागत में कमी
    ३. एक स्वस्थ वजन में स्थिरता
    ४. रोग प्रतिरोधक शक्ति का बढ़ना (इन दिनों काफी महत्वपूर्ण!)
    ५. एंटी एजिंग (उम्र का कम दिखना)
    ६. ऊर्जा का बढ़ना (एनर्जी बूस्टर)
    ७. बढ़ी हुई सकारात्मकता
    ८. बीमारियों का खतरा कम
    ९. लंबी उम्र
    १०. याददाश्त और एकाग्रता में वृद्धि।

उचित भोजन का पालन सफलतापूर्वक करने के लिए आप अपने डॉक्टर से सलाह ले सकते हैं|